राष्ट्रीय हिन्दू परिषद् का उदय

राष्ट्रीय हिन्दू परिषद् का उदय अप्रैल 2010 में रामनवमी की पुण्य पावन तिथि पर राजस्थान में एक सामान्य हिन्दू सम्मेलन के रूप में हुआ। यह संस्था राष्ट्रीय स्तर की गैर सरकारी, अराजनैतिक तथा एक विशुद्ध सांस्कृतिक संगठन के रूप में राष्ट्रीय भावना, हिन्दू हित, संगठित आवाज, हिन्दुत्व, हिन्दू ग्रन्थों में आस्था, आपसी सौहार्द, समता मूलक समाज की स्थापना एवं परस्पर सहयोग की भावना पैदा करेगी। हिन्दू धर्म, समाज एवं हिन्दुस्तान की सांस्कृतिक विरासत को आवश्यकतानुसार पुनः स्थापित, सुरक्षित, संवर्धित और सुगठित करने के लिये हिन्दुओं को संगठित एवं प्रेरित करना। विराट् हिन्दू समाज की एकात्मता तथा पारस्परिक सद्भावना के लिये छुआछूत और ऊंच-नीच की भेदभाव पूर्ण कुरीतियों का उन्मूलन कर सामाजिक समरसता विकसित करना।

 

राष्ट्रीय हिन्दू परिषद सदस्यता

(ख) आजीवन सदस्य:- संस्था के संस्थापक सदस्य जिनके नाम संस्था के स्मृति पत्र (मेमोरण्डम) पर अंकित है वे संस्था के आजीवन सदस्य होगें। इनके अतिरिक्त जिन्हें एतदर्थ निर्धारित रू 1100 /- शुल्क लेकर सदस्यता प्रदान की जायेगी, वे भी संस्था के आजीवन सदस्य होंगे। आजीवन सदस्य साधारण सभा के सदस्य होंगे तथा नामित अथवा निर्धारित होने पर ये कार्यकारिणी समिति के सदस्य या पदाधिकारी भी हो सकते हैं।

(ग) सक्रिय सदस्य:- एतदर्थ निर्धारित रू 100 /- शुल्क जमा कर कोई भी व्यक्ति जिसे अध्यक्ष ने स्वीकार किया हो संस्था का सक्रिय सदस्य बन सकता है। सक्रिय सदस्य भी साधारण सभा का सदस्य होगा और नामित अथवा निर्वाचित होने पर संस्था की कार्यकारिणी का सदस्य अथवा पदाधिकारी हो सकता है।

(घ) विशेष आमंत्रित सदस्य:- संस्था अपने मार्गदर्शन हेतु हिन्दुत्व के उत्कर्ष के लिये उल्लेखनीय कार्य करने वाले किसी विशिष्ट व्यक्ति से बिना कोई शुल्क लिये अपनी साधारण सभा या कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित या मानद रूप में सदस्य बना सकती है। ऐसे सदस्यों को साधारण सभा या कार्यकारिणी समिति में भाग लेने और अपना परामर्श देने का अधिकार होगा परन्तु किसी ऐसे विषय पर जिसमें मतदान की स्थिति उत्पन्न होगी, मतदान करने का अधिकार नहीं होगा।

राष्ट्रीय हिन्दू परिषद् की मुख्यधारा

(क)हिन्दू धर्म, समाज एवं हिन्दुस्तान की सांस्कृतिक विरासत को आवश्यकतानुसार पुनः स्थापित, सुरक्षित, संवर्धित और सुगठित करने के लिये हिन्दुओं को संगठित एवं प्रेरित करना।
(ख) विराट् हिन्दू समाज की एकात्मता तथा पारस्परिक सद्भावना के लिये छुआछूत और ऊंच-नीच की भेदभाव पूर्ण कुरीतियों का उन्मूलन कर सामाजिक समरसता विकसित करना।
(ग) अपने परम्परागत विराट् हिन्दू समाज को भय, प्रलोभन, नासमझी या अपने ही लोगों के दुर्व्यवहार आदि किसी भी कारण से जो लोग स्वंय छोड़ गये थे या छोड़ने के लिये विवश कर दिये गये थे, इन सभी बिछुड़े हुए बन्धुओं को यदि वे अपने पुरखों के धर्म और समाज में वापस आना चाहते हैं तो उसके लिये सम्मानजनक एवम् वैद्यानिक ढंग से प्रत्यावर्तन का मार्ग प्रशस्त करना।
 (घ) किसी भी उम्र या लिंग के गोवंश की हत्या पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगे, गो-पालन एवं गो-संवर्धन बढ़े इसके लिये विधायी प्रयत्न एवं जागरण करना।
(ड़) गांव, नगर, वनांचल या दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में अपने जो बन्धु सम्पर्क के अभाव में अलग-थलग पड़ गये हैं। उन बन्धुओं को राष्ट्रीय जीवन की मुख्यधारा में सम्मिलित करने के लिये विधि सम्मत सभी उपाय करना।
(छ) हिन्दू समाज के सभी धर्म सम्प्रदायों में आपसी समझ, सहयोग एवं सौहार्द को विकसित कारना।
(ज) राष्ट्रव्यापी भ्रष्ट्राचार का उन्मूलन एवं उसे नियंत्रित करने के लिये योजनाबद्ध ढंग से संगठित प्रयास करना।
(ट) शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वावलम्बी बनाने तथा रोजगार से जोड़ने के लिये सरकारी-गैरसरकारी स्तर पर यथासम्भव अवसर एवं सहायता उपलब्ध कराना।
(ड) समान विचारधारा के सभी संगठनों में आपसी समन्वय स्थापित करना तथा समान विचारधारा वाले राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों से सम्बद्धता प्राप्त कराना।
(ढ़) उपर्युक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिये आवश्यकतानुसार कोई भी छोटा-बड़ा अनुषांगिक संगठन, संस्थान या प्रकल्प स्थापित करना। साहित्य, मुद्रण और प्रकाशन प्रारम्भ करना तथा ‘‘हिन्दू कोष’’ की स्थापना करना।
परिषद् सविधान

राष्ट्रीय हिन्दू परिषद के प्रमुख प्रकोष्ट

  • 1. राष्ट्रीय हिन्दू महिला मोर्चा
    2. गौ रक्षा सेना
    3. श्री संत सेना
    4. मठ/मंदिर रक्षा समिति
    5. हिन्दू संस्क्रति रक्षा समिति
    6. श्री राम कथा सेवा समिति
    7. मंदिर निर्माण समिति
    8. सनातन शिक्षा जाग्रति समिति
    9. सनातन चिकित्सा सेवा समिति
    10. सैनिक सेवा समिति
    11. हिन्दू विवाह आयोजक समिति
    12. आई.टी सैल
    13. मीडिया प्रकोष्ट
    14. सोशल मीडिया टीम
    15. विद्यार्थी परिषद
    16. धर्म जागरण सेवा समिति
    17. श्री राम अखाड़ा परिषद
    18. श्री राम किन्नर परिषद
    19. स्वदेसी जाग्रति मंच
    20. अयोध्या श्री राम मंदिर निर्माण मंच
    21. कानूनी सलाह समिति
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09358670182